ज़मीन से आसमान तक...

ज़मीन से आसमान तक , इश्क़ का ही बोल बाला है, इश्क़ के करने का लेकिन, सभी का ढंग निराला है. इश्क़ करती चकोरी, चाँद उसके दिल में बसता है. इश्क़ की बूँद की खातिर , पपीहा भी तरसता है.

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