तुम अपनी शाम की तन्हैया...
तुम अपनी शाम की तन्हैया मुझे दे दो बिखरती ज़ुल्फ की परछाईयाँ मुझे दे दो मे डूब जाऊ तुम्हारे आँखो मे तुम अपने दर्द की गहराइया मुझे दे दो मे तुम्हे याद करू ओर तुम को ख़बर हो जाए मोहब्बत की वो सचाइया मुझे दे दो
तुम अपनी शाम की तन्हैया मुझे दे दो बिखरती ज़ुल्फ की परछाईयाँ मुझे दे दो मे डूब जाऊ तुम्हारे आँखो मे तुम अपने दर्द की गहराइया मुझे दे दो मे तुम्हे याद करू ओर तुम को ख़बर हो जाए मोहब्बत की वो सचाइया मुझे दे दो
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